हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एंथनी ब्लिंकन ने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी, वॉशिंगटन द्वारा उन्हें समर्थन देने की क्षमता को लेकर निराश और हतोत्साहित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध और टकराव के रास्ते ने क्षेत्रीय देशों को तेहरान के साथ समझौते की तलाश करने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिका के क्षेत्रीय साझेदारों का मानना है कि सुरक्षा के मामले में हमेशा वॉशिंगटन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इसी वजह से वे ईरान के साथ बातचीत और संभावित समझौते की कोशिश कर रहे हैं।
ब्लिंकन ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास ईरान के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने का कोई प्रभावी सैन्य रास्ता मौजूद नहीं है। उनके अनुसार, इसके लिए ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करनी होगी, जो अंततः एक विनाशकारी स्थिति पैदा कर सकती है।
पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के पास अब भी बड़ी मात्रा में हथियार मौजूद हैं और वह उनका उत्पादन जारी रखे हुए है। उनके अनुसार, मौजूदा स्थिति से निकलने का कोई स्वीकार्य सैन्य रास्ता नहीं है और इसके बजाय कूटनीति के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
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